मानव जीवन का हर क्षण इंसानियत और भक्ति में समर्पित हो
– सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

काशीपुर, 14 मई 2026:- श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण दिव्य वातावरण में संत निरंकारी मिशन द्वारा युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी की स्मृति में संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा में परम् श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के सान्निध्य में भावपूर्ण संत समागम का आयोजन हुआ। इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने सतगुरु के पावन दर्शन एवं अमृतमयी प्रवचनों को श्रवण कर आत्मिक शांति, आनंद एवं दिव्य प्रेरणा का अनुभव प्राप्त किया।

इस अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में फरमाया कि बाबा जी का सम्पूर्ण जीवन मानवता, सेवा और प्रेमा भक्ति का दिव्य उदाहरण रहा। उन्होंने प्रेरित किया कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण सार्थक बने और हर पल इंसानियत, करुणा एवं मानवीय मूल्यों का प्रमाण प्रस्तुत करे। बाबा जी ने सदैव यही शिक्षा दी कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर मानवीय गुण विकसित कर निराकार का आसरा लेते हुए सार्थक एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीयें।

सतगुरु माता जी ने फरमाया कि यदि किसी के जीवन में दुख, पीड़ा या संघर्ष है, तो हमारा कर्तव्य उसे बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रेम, संवेदनशीलता और सहयोग से उसे शांत करना है। जीवन ऐसा हो जो रिश्तों में प्रेम एवं समर्पण की भावना को सुदृढ़ करे। यही बाबा जी की शिक्षाओं का सार और सच्ची मानवता का स्वरूप है।

सतगुरु माता जी ने समझाया कि ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने के पश्चात जीवन केवल व्यक्तिगत सीमाओं तक नहीं रहता, बल्कि समस्त मानवता की सेवा, कल्याण और उत्थान का माध्यम बन जाता है। सच्ची सेवा दिखावे से परे प्रेम, विनम्रता और निस्वार्थता से परिपूर्ण होती है, जबकि वास्तविक भक्ति शब्दों से आगे बढ़कर व्यवहार, विचार और कर्मों में झलकती है।

अमर संत अवनीत जी के समर्पित जीवन का उल्लेख करते हुए सतगुरु माता जी ने फरमाया कि सच्चा समर्पण वही है जिसमें सेवा का भाव केवल विचारों में नहीं, बल्कि व्यवहार और प्राथमिकताओं में स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों के साथ संगत, सेवा और भक्ति को सर्वोपरि रखकर यह प्रेरणा दी कि पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में रहते हुए भी पूर्ण निष्ठा से समर्पित जीवन जिया जा सकता है।

अंत में सतगुरु माता जी ने आशीर्वाद दिया कि प्रत्येक जीवन सेवा, सुमिरण और सत्संग को अपनी प्राथमिकता बनाए तथा हर हृदय निराकार में समर्पित होकर प्रेम, शांति और मानवता बाँटने का सशक्त माध्यम बने।
ज्ञात रहे कल स्थानीय काशीपुर संत निरंकारी भवन में भी एक विशाल समर्पण दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें की तरह-तरह से दूर-दूर से आए हुए सैकड़ों संतो महापुरुषों ने मिलजुल कर सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के द्वारा दी जाने वाली शिक्षाओं का स्मरण किया और यही अरदास की कि हम गुरु के वचनों पर चलकर समर्पण वाला जीवन जीये।
आज इस अवसर पर सेवा दल की रैली का आयोजन भाई बहनों के द्वारा किया गया। प्रातः 10:00 बजे से निरंकारी भवन के गेट के पास एक शबील का आयोजन किया गया। गर्मी के अवसर पर आने जाने वाले राहगीरों को सेवादारों ने बड़े श्रद्धापूर्वक मीठा शरबत पिलाकर उनका सत्कार किया। ततपश्चात सत्संग के अवसर पर स्थानीय ब्रांच में स्टेज पर विराजमान मुखी श्री राजेंद्र जी के द्वारा भी सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया।

आयोजन के मध्य गीतकारों, कवियों और विचारकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हृदय की गहन अनुभूतियों को अभिव्यक्त किया। जहाँ हर शब्द, हर स्वर दिल की गहराईयों से होते हुए आत्मा को छू गया। किसी ने बाबा जी की दिव्य शिक्षाओं का प्रेरक संदेश सुनाया, तो किसी ने उनके सौम्य व्यक्तित्व, सेवा-समर्पण और मानवता के कल्याण हेतु किए गए कार्यों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वक्ताओं की रचनाओं व शब्दों में बाबा जी के हृदय स्पर्शी प्रेम का प्रतिबिम्ब परिलक्षित होता दिख रहा था।

बाबा हरदेव सिंह जी की प्रेरणा आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में जीवित है। वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज उनके संदेशों को आगे बढ़ाते हुए सेवा, समर्पण और सद्भाव का प्रकाश फैला रही हैं। उनके मार्गदर्शन से विश्व में मानवता, एकता और भाईचारे का संदेश निरंतर प्रसारित हो रहा है। यह समस्या जानकारी स्थानीय मीडिया प्रभारी प्रकाश खेड़ा द्वारा दी गई।


हर हृदय के देव बाबा हरदेव सिंह जी को अर्पित श्रद्धा सुमन

मानव जीवन का हर क्षण इंसानियत और भक्ति में समर्पित हो
– सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

काशीपुर, 14 मई 2026:- श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण दिव्य वातावरण में संत निरंकारी मिशन द्वारा युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी की स्मृति में संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा में परम् श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के सान्निध्य में भावपूर्ण संत समागम का आयोजन हुआ। इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने सतगुरु के पावन दर्शन एवं अमृतमयी प्रवचनों को श्रवण कर आत्मिक शांति, आनंद एवं दिव्य प्रेरणा का अनुभव प्राप्त किया।

इस अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में फरमाया कि बाबा जी का सम्पूर्ण जीवन मानवता, सेवा और प्रेमा भक्ति का दिव्य उदाहरण रहा। उन्होंने प्रेरित किया कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण सार्थक बने और हर पल इंसानियत, करुणा एवं मानवीय मूल्यों का प्रमाण प्रस्तुत करे। बाबा जी ने सदैव यही शिक्षा दी कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर मानवीय गुण विकसित कर निराकार का आसरा लेते हुए सार्थक एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीयें।

सतगुरु माता जी ने फरमाया कि यदि किसी के जीवन में दुख, पीड़ा या संघर्ष है, तो हमारा कर्तव्य उसे बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रेम, संवेदनशीलता और सहयोग से उसे शांत करना है। जीवन ऐसा हो जो रिश्तों में प्रेम एवं समर्पण की भावना को सुदृढ़ करे। यही बाबा जी की शिक्षाओं का सार और सच्ची मानवता का स्वरूप है।

सतगुरु माता जी ने समझाया कि ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने के पश्चात जीवन केवल व्यक्तिगत सीमाओं तक नहीं रहता, बल्कि समस्त मानवता की सेवा, कल्याण और उत्थान का माध्यम बन जाता है। सच्ची सेवा दिखावे से परे प्रेम, विनम्रता और निस्वार्थता से परिपूर्ण होती है, जबकि वास्तविक भक्ति शब्दों से आगे बढ़कर व्यवहार, विचार और कर्मों में झलकती है।

अमर संत अवनीत जी के समर्पित जीवन का उल्लेख करते हुए सतगुरु माता जी ने फरमाया कि सच्चा समर्पण वही है जिसमें सेवा का भाव केवल विचारों में नहीं, बल्कि व्यवहार और प्राथमिकताओं में स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों के साथ संगत, सेवा और भक्ति को सर्वोपरि रखकर यह प्रेरणा दी कि पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में रहते हुए भी पूर्ण निष्ठा से समर्पित जीवन जिया जा सकता है।

अंत में सतगुरु माता जी ने आशीर्वाद दिया कि प्रत्येक जीवन सेवा, सुमिरण और सत्संग को अपनी प्राथमिकता बनाए तथा हर हृदय निराकार में समर्पित होकर प्रेम, शांति और मानवता बाँटने का सशक्त माध्यम बने।
ज्ञात रहे कल स्थानीय काशीपुर संत निरंकारी भवन में भी एक विशाल समर्पण दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें की तरह-तरह से दूर-दूर से आए हुए सैकड़ों संतो महापुरुषों ने मिलजुल कर सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के द्वारा दी जाने वाली शिक्षाओं का स्मरण किया और यही अरदास की कि हम गुरु के वचनों पर चलकर समर्पण वाला जीवन जीये।
आज इस अवसर पर सेवा दल की रैली का आयोजन भाई बहनों के द्वारा किया गया। प्रातः 10:00 बजे से निरंकारी भवन के गेट के पास एक शबील का आयोजन किया गया। गर्मी के अवसर पर आने जाने वाले राहगीरों को सेवादारों ने बड़े श्रद्धापूर्वक मीठा शरबत पिलाकर उनका सत्कार किया। ततपश्चात सत्संग के अवसर पर स्थानीय ब्रांच में स्टेज पर विराजमान मुखी श्री राजेंद्र जी के द्वारा भी सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया।

आयोजन के मध्य गीतकारों, कवियों और विचारकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हृदय की गहन अनुभूतियों को अभिव्यक्त किया। जहाँ हर शब्द, हर स्वर दिल की गहराईयों से होते हुए आत्मा को छू गया। किसी ने बाबा जी की दिव्य शिक्षाओं का प्रेरक संदेश सुनाया, तो किसी ने उनके सौम्य व्यक्तित्व, सेवा-समर्पण और मानवता के कल्याण हेतु किए गए कार्यों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वक्ताओं की रचनाओं व शब्दों में बाबा जी के हृदय स्पर्शी प्रेम का प्रतिबिम्ब परिलक्षित होता दिख रहा था।

बाबा हरदेव सिंह जी की प्रेरणा आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में जीवित है। वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज उनके संदेशों को आगे बढ़ाते हुए सेवा, समर्पण और सद्भाव का प्रकाश फैला रही हैं। उनके मार्गदर्शन से विश्व में मानवता, एकता और भाईचारे का संदेश निरंतर प्रसारित हो रहा है। यह समस्या जानकारी स्थानीय मीडिया प्रभारी प्रकाश खेड़ा द्वारा दी गई।

By Mohd Nafees

संपादक – सच्चाई की जीत पता – Nafees Screen Printers, Near Bilal Masjid, Ward no. 10, Ali Khan, Kashipur 244713 संपर्क – 9837427792 व्हाट्सप्प – 9837427792 ईमेल – sachchaikijeet7@gmail.com

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