
जून का महीना खगोल प्रेमियों के लिए खास रहने वाला है। इस दौरान शुक्र-बृहस्पति की चमकदार युति, ग्रहों का संरेखण, उल्का वर्षा और स्ट्रॉबेरी मून समेत कई आकर्षक खगोलीय घटनाएं आकाश में दिखाई देंगी। इस माह खगोल प्रेमियों के लिए आकाश में ग्रहों और चंद्रमा से जुड़ीं कई मनमोहक खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी। इनमें शुक्र और बृहस्पति का अत्यंत चमकीला संयोजन, ग्रहों का संरेखण, ग्रीष्म संक्रांति, उल्का वर्षा और स्ट्रॉबेरी मून प्रमुख आकर्षण होंगे। एस्ट्रो फोटोग्राफर प्रमोद सिंह खाती ने बताया कि 8 और 9 जून को सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे के बेहद निकट और चमकदार दिखाई देंगे। यह युति नंगी आंखों से देखी जा सकेगी। 15 जून को बुध ग्रह अपने अधिकतम विस्तार पर पहुंचेगा। इसे देखने का यह वर्ष का सर्वोत्तम अवसर होगा। इसी दिन सुपर न्यू मून भी होगा। चंद्रमा के न दिखाई देने के कारण आकाश अंधकारमय रहेगा और तारों तथा आकाशगंगा (मिल्की वे) के केंद्रीय भाग का अवलोकन करने की अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। 16 और 17 जून की शाम पश्चिमी क्षितिज पर एक मनोहारी दृश्य देखने को मिलेगा। अर्ध चंद्र शुक्र-बृहस्पति और बुध ग्रह के साथ एक सुंदर संरेखण बनाता दिखाई देगा। 21 जून को जून संक्रांति होगी। भारत सहित उत्तरी गोलार्ध के लिए यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होगा।
29 जून को पूर्णिमा
महीने के अंत में 27 जून को जून बूटिड्स उल्का वर्षा अपने चरम पर पहुंचेगी और आसमान में टूटते तारों का दृश्य नजर आएगा। 29 जून को पूर्णिमा होगी जिसे पारंपरिक रूप से स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। इस रात चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर और सामान्य पूर्णिमा की तुलना में छोटा दिखाई देगा।

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