बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि लिंग अनुपात पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें, उन्होने कहा कि लड़का-लड़की एक समान है, इसका प्रचार प्रसार व्यापक स्तर पर करें। उन्होने कहा कि जनपद में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव ही हो इसके लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें। उन्होने कहा कि बेटी बचाओ एवं बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत ’’घर की पहचान लाडली’’ कार्यक्रम को पहले से वृहद स्तर पर चलाया जाये, जिसके अन्तर्गत अधिक से अधिक लोग अपने घरों के बाहर बेेटियों के नाम की प्लेट घर में लगाये ताकि बेटियों को समाज एवं परिवार में विशेष महत्व दिया जाये। जिलाधिकारी ने डीपीओ को निर्देश दिये कि बेटियों की सुऱक्षा के दृष्टिगत उनको कराटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाये। उन्होने कहा कि बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सिलाई का प्रशिक्षण भी दिया जाये। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद के समस्त जीजीआईसी में आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को चिन्हित कर उनको स्कूल डेªस, जूते, स्वेटर आदि का सहयोग किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिन कुमार पाठक, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुनीता चुफाल रतूड़ी, जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।

By Mohd Nafees

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