मुरादाबाद/भगतपुर
जिस देश का प्रधानमंत्री ईमानदार हो और गांव का मुखिया चोर हो तो उस गांव का विकास कभी संभव नहीं हो सकता। ऐसी ही एक तस्वीर जनपद मुरादाबाद विकासखण्ड भगतपुर टाण्डा क्षेत्र के ग्राम सरदार नगर में देखने को मिली है, जहां चोर-चोर मौसेरे भाई प्रधान और सचिव ने तीस हजार रूपये लेकर पात्र को बना दिया अपात्र। हैं ना गजब की बात।

कहते हैं साहब जिस देश में 50 हजार सरकारी तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी को भी रिश्वत की आवश्यकता हो तो उस देश का विकास तो नहीं, विनाश ही सम्भव हो सकता है।
मामला दरअसल जनपद मुरादाबाद विकासखण्ड भगतपुर टाण्डा क्षेत्र के ग्राम सरदार नगर के रहने वाले लक्ष्मण पुत्र नेतराम
जिसके पास एक आलीशान बंगला, बाईक, ट्रैक्टर एवं सिंचाई की भुमि है, फिर भ्रष्टाचारी ग्राम प्रधान एंव सचिव ने तीस हजार रूपये लेकर अपात्र को पात्र दर्शाकर सरकारी आवास दिला दिया। अवगत कराते चलें कि सरकार द्वारा एक लाख बीस हज़ार की धनराशि आवास बनाने के लिए दी जाती है।
लाभार्थी लक्ष्मण पुत्र नेतराम ने आवास तो बनाया लेकिन कच्ची ईंट ओर मिट्टी से, बो भी आधा-अधूरा। लगभग पांच माह पूर्व बना आवास अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

*भविष्य में हुई दुर्घटना का जिम्मेदार कौन? ग्राम प्रधान या सचिव।
ग्राम प्रधान एंव सचिव द्वारा बनवाया गया आवास यदि भविष्य में क्षतिग्रस्त होता है ओर उसमें किसी को जान-माल की हानि होती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी सचिव की होगी, क्योंकि सरकार ने लाभार्थी को एक लाख बीस हज़ार रुपये की धनराशि दी थी, जिसमें से तीस हजार रूपये की ग्राम प्रधान ब सचिव ने डकार मार दी। इसी कारण लाभार्थी के पास जितने पैसे बचे उसी के अनुसार आवास बना दिया। अब उसके पास पैसे नहीं हैं।

*मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सरदार नगर में करीब 20 परिवार ऐसे भी हैं जिनके छप्पर पर फूंस नहीं है। आवास तो उनका मिल सकता था, लेकिन उनके पास प्रधान और सचिव को तीस हजार रूपये की रिश्वत देने के लिए नहीं थी, जिसकी बजह से आज तक उन पात्रों के आवास नहीं बन पाए।
पूछते हैं उन वरिष्ठ अधिकारियों से जो अपनी आँखों पर विकास का चश्मा लगाए घूम रहे हैं, लेकिन भ्रष्टाचारियों की नाक पर नकेल क्यूं नहीं कसते। भ्रष्टाचारी ग्राम प्रधान एंव सचिव द्वारा किये गये सरकारी धन का दुरूपयोग पर नजर रखेगा कौन। क्या यूं ही काले कारनामे ग्राम प्रधान व सचिव के देखने को मिलते रहेंगे यहां पात्रों को तो आवास की सुविधा नहीं मिल पाती। वहीं ग्राम प्रधान ब सचिव की मिलीभगत अपात्र लोगों आवास मिल जाता है। वह भी तीस हजार की रिश्वत देकर।

By Mohd Nafees

संपादक – सच्चाई की जीत पता – Nafees Screen Printers, Near Bilal Masjid, Ward no. 10, Ali Khan, Kashipur 244713 संपर्क – 9837427792 व्हाट्सप्प – 9837427792 ईमेल – sachchaikijeet7@gmail.com