
प्रदेशभर के तमाम ऐसे शहरी व उप शहरी क्षेत्र हैं, जिनका तेजी से विस्तार हो रहा है। ये किधर और कितना हो रहा है, इसे अब सैटेलाइट से देखा जाएगा। उत्तराखंड में जल्द ही सैटेलाइट से पता चलेगा कि बड़े-छोटे शहरों की सीमाओं में कितना बदलाव हो रहा है। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) इसके लिए हाई रेजोल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी से शहरों का चिह्नांकन कर रहा है। वहीं, शहरों में प्लास्टिक वेस्ट डंपिंग क्षेत्रों का भी मानचित्र सैटेलाइट से बनाया जा रहा है।
यूसैक के वैज्ञानिकों ने बताया कि वे हाई रेजोल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी की सहायता राज्य के प्रमुख शहरी और उप शहरी क्षेत्रों का चिह्नांकन कर रहे हैं। इन क्षेत्रों के विस्तारीकरण का विश्लेषण किया जाएगा और मानचित्र तैयार किया जाएगा। इससे भविष्य में इन सभी क्षेत्रों पर सैटेलाइट से नजर रखी जा सकेगी। दूसरी ओर, प्रदेशभर में तमाम ऐसे क्षेत्र हैं, जहां प्लास्टिक कचरे की डंपिंग साइट बनी हुई हैं। पर्यावरण के लिए नुकसानदायक इन साइट को लेकर भी यूसैक ने काम शुरू कर दिया है। उच्च विभेदी उपग्रह आंकड़ों का उपयोग करके राज्य के विभिन्न जिलों में प्लास्टिक वेस्ट डंपिंग क्षेत्रों की मैपिंग की जा रही है। उनका मानचित्र तैयार किया जा रहा है।
एआई संचालित होगा मानचित्रण
यूसैक की ओर से हाई रेजोल्यूशन सैटेलाइट डाटा का इस्तेमाल करके सतत नगरीय नियोजन के लिए शहरी हरित क्षेत्रों का एआई संचालित मानचित्रण किया जाएगा। इसी आधार पर पहले फेज में अनुश्रवण भी किया जाएगा। मकसद ये है कि असल में शहरी हरित क्षेत्रों में क्या बदलाव आ रहा है, यह एआई से पता चल सकेगा।

संपादक – सच्चाई की जीत
पता – Nafees Screen Printers, Near Bilal Masjid, Ward no. 10, Ali Khan, Kashipur 244713
संपर्क – 9837427792
व्हाट्सप्प – 9837427792
ईमेल – sachchaikijeet7@gmail.com
