काशीपुर, 24 अप्रैल, 2026:- जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है। परोपकार, करुणा और परमार्थ जैसे अलौकिक मूल्यों से प्रकाशमान यह पावन अवसर उस दिव्य अनुभूति का प्रतीक बना, जहाँ “मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा” का संदेश केवल शब्दों तक सीमित न रहकर हृदयों में जीवंत हुआ।

‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल को, बाबा गुरबचन सिंह जी की दिव्य स्मृति में, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी के सान्निध्य में दिल्ली के ग्राउंड नं. 8 में आयोजित हुआ। इसके साथ ही समूचे देश की हजारों सत्संग केंद्रो पर श्रद्धा और समर्पण भाव से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और निष्काम सेवा का जीवंत स्वरूप बनकर उभरा।

संत निरंकारी मण्डल के सचिव आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली स्थित निरंकारी सरोवर के सम्मुख ग्राउंड नं. 2 में आयोजित मुख्य रक्तदान शिविर श्रद्धा, सेवा और मानवता का अनुपम संगम बना। यहाँ निरंकारी श्रद्धालुओं ने प्रेम, विनम्रता और समर्पण भाव से लगभग 850 युनिट रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त समूचे भारतवर्ष के लगभग 212 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया गया; जिससे लगभग 40,000 यूनिट रक्त संकलित किया गया, जो निष्काम सेवा, परोपकार और मानवता के प्रति समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा। मानवता की सेवा के इस पुनीत अवसर पर निरंकारी राजपिता जी ने रक्तदान कर युवाओं के लिए प्रेरणादायक मिसाल पेश की।

युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में यह दिवस वर्षभर चलने वाली सेवा-सरिता का शुभारंभ है, जिसके अंतर्गत देशभर में लगभग 705 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जो करुणा और एकत्व की भावना को निरंतर सुदृढ़ करेंगे।

उल्लेखनीय है कि रक्तदान की यह पावन परंपरा पिछले चार दशकों से निरंतर जारी है। अब तक 9,174 रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15,00,230 यूनिट रक्त संकलित किया जा चुका है, जो मानव सेवा के प्रति निरंकारी मिशन की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।

इस अवसर पर मानवता को संबोधित करते हुए सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने फरमाया कि बाबा हरदेव सिंह जी ने बाबा गुरबचन सिंह जी के जीवन को अपनी प्रेरणा का आधार बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। माता जी ने आगे कहा कि भक्तों के जीवन से हमें यह अमूल्य प्रेरणा मिलती है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में मानवता को सर्वोपरि स्थान दे, तो समाज का कल्याण स्वतः संभव है। जब हम एक-दूसरे के लिए उपयोगी बनने का भाव अपनाते हैं, तभी सच्ची सेवा का अर्थ समझ में आता है। आवश्यकता इस बात की है कि हमारे भीतर प्रेम, करुणा और सेवा का भाव निरंतर जीवित रहे। यह केवल आंकड़ों या शब्दों तक सीमित नहीं अपितु मानवता के प्रति सच्चा समर्पण है। दिल से दिल तक जुड़ा निस्वार्थ प्रेम ही हमें एक-दूसरे के प्रति समर्पित होकर मानवता की वास्तविक सेवा करने की प्रेरणा देता है।

इन शिविरों में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी तथा राजधानी दिल्ली के लगभग सभी प्रसिद्ध अस्पताल जिनमें एम्स एवं एम्स (सी.एन.सी), राम मनोहर लोहिया अस्पताल, गुरू तेग बहादुर अस्पातल, लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, हिन्दुराव अस्पताल, जी. पी. पंत अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, डॉक्टर हेडग्रावर अस्पताल एवं आई.आर.सी.एस इत्यादि प्रमुख अस्पतालों के अनुभवी चिकित्सक एवं उनकी टीम ने स्वास्थ्य जाँच के उपरांत सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से रक्तदान सम्पन्न कराया।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाईटी की ओर से सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी को संत निरंकारी मिशन द्वारा मानवता की निस्वार्थ सेवा और समर्पण की भावना के लिए विशेष सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान कर गौरवान्वित किया गया।
जसपुर में भी मानव एकता दिवस के अवसर पर काशीपुर एवं जसपुर ब्रांच का संयुक्त रूप से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 39 यूनिट रक्त लक्ष्मण दत्त भट्ट अस्पताल की मेडिकल टीम के द्वारा एकत्रित किया गया।

युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य, सरलता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और ऊर्जा को समाजसेवा में लगाने की प्रेरणा दी। बाबा हरदेव सिंह जी ने “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं” का संदेश देकर सेवा को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया, जिसे सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।
स्थानीय काशीपुर ब्रांच में संत निरंकारी भवन पर यह मानव एकता दिवस समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्संग में पहुंचकर बाबा गुरबचन सिंह जी महाराज एवं चाचा प्रताप सिंह जी के जीवन से संबंधित अपने भाव समर्पित किये । बहन मुन्नी चौधरी जी ने सतगुरु माता जी के वचनों पर चलने की प्रेरणा दी ।यह समस्त जानकारी प्रकाश खेड़ा काशीपुर निरंकारी मीडिया प्रभारी द्वारा दी गई।

By Mohd Nafees

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