किसानों और राजनीतिक दलों के लगातार विरोध के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज रविवार मॉनसून सत्र में संसद से पास किसानों और खेती से जुड़े बिलों पर अपनी सहमति दे दी है. किसान और राजनीतिक दल इस विधेयकों को वापस लेने की मांग कर रहे थे लेकिन उनकी अपील किसी काम न आई. तीनों विवादास्पद बिल अब कानून बन गए हैं. साथ ही राष्ट्रपति ने J-K आधिकारिक भाषा बिल 2020 पर भी अपनी सहमति दे दी है.

केंद्र की मोदी सरकार में सहयोगी रही शिरोमणि अकाली दल भी इस बिल के विरोध में लगातार मुखर रही. संसद में बिल का विरोध किया, फिर केंद्र में मत्री रहीं हरसिमरत कौर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद सरकार के रवैये में कोई बदलाव नहीं देखने से नाराज अकाली दल ने खुद को अब एनडीए से भी अलग कर लिया. अकाली दल के अलावा कांग्रेस समेत कई अन्य दलों ने लगातार कृषि बिल का विरोध किया और राष्ट्रपति से गुजारिश भी की थी कि वो इस पर दस्तखत न करें, लेकिन उनकी अपील काम नहीं आई. 

21 सितंबर को राष्ट्रपति से मिलने के बाद, अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा था, ‘हमने राष्ट्रपति से संसद में पारित किए गए किसान विरोधी बिलों पर हस्ताक्षर करने के खिलाफ अनुरोध किया. हमने उनसे उन बिलों को संसद में वापस भेजने का अनुरोध किया है.’ राष्ट्रपति कोविंद ने संसद से पास हुए तीन कृषि बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके साथ ही ये तीनों विवादास्पद बिल अब कानून बन गए हैं. 

By Mohd Nafees

संपादक – सच्चाई की जीत पता – Nafees Screen Printers, Near Bilal Masjid, Ward no. 10, Ali Khan, Kashipur 244713 संपर्क – 9837427792 व्हाट्सप्प – 9837427792 ईमेल – sachchaikijeet7@gmail.com