पीएम मोदी ने ओडिशा को परियोजनाओं की सौगात दी है। अपने एकदिवसीय दौरे के दौरान पीएम मोदी ने भुवनेश्वर में रोड शो किया, इसके बाद एक जनसभा में शिरकत की। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने 100 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी भी दिखाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ओडिशा के दौरे पर रहे। अपने दौरे के शुरुआत में उन्होंने राजधानी भुवनेश्वर में रोड शो किया। वहीं पीएम मोदी ने राज्य को करोड़ों की परियोजनाओं की सौगात दी है। इसमें पेयजल, सिंचाई, कृषि अवसंरचना, स्वास्थ्य अवसंरचना, ग्रामीण सड़कें और पुल, राष्ट्रीय राजमार्गों के खंड और एक नई रेलवे लाइन शामिल हैं। राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क के साथ बौध के एकीकरण के ऐतिहासिक क्षण पर पीएम मोदी ने पहली बार जिले में रेल संपर्क बढ़ाने वाली नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी भी दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में आयोजित जनसभा में पहुंचे पर लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी मौजूद रहे। 
भुवनेश्वर में आयोजित जनसभा में शामिल हुए पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भुवनेश्वर में आयोजित जनसभा में शामिल हुए।

पीएम मोदी ने 100 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी ने भुवनेश्वर में राजधानी क्षेत्र शहरी परिवहन (सीआरयूटी) प्रणाली के अंतर्गत 100 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई।

यह सुशासन की स्थापना की वर्षगांठ है- पीएम मोदी
वहीं जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज 20 जून का दिन बहुत विशेष है। आज ओडिशा में पहली भाजपा सरकार ने सफलतापूर्वक एक वर्ष पूरा किया है। यह वर्षगांठ सिर्फ सरकार की नहीं है; यह सुशासन की स्थापना की वर्षगांठ है। यह एक वर्ष जनसेवा और जनविश्वास को समर्पित है। मैं ओडिशा के लोगों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं मुख्यमंत्री मोहन माझी और उनकी पूरी टीम को भी बधाई देता हूं।’

‘ओडिशा भारत की समृद्ध विरासत का एक चमकता सितारा’
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा- ओडिशा सिर्फ एक राज्य नहीं है, यह भारत की समृद्ध विरासत का एक चमकता सितारा है। सदियों से ओडिशा ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति को समृद्ध किया है। यही कारण है कि आज जब ‘विकास और विरासत’ का मंत्र भारत की प्रगति का आधार बन रहा है, तो ओडिशा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। पिछले एक साल में ओडिशा ने विकास और विरासत दोनों के इस मंत्र को सही मायने में अपनाया है और उसे अपनाया है।
 

पीएम मोदी ने बताया क्यों ठुकराया ट्रंप का निमंत्रण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान अपनी विदेश यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा- अभी दो दिन पहले, मैं जी7 शिखर सम्मेलन के लिए कनाडा में था। मेरी यात्रा के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुझे फोन किया। उन्होंने कहा, ‘चूंकि आप पहले से ही कनाडा में हैं, तो वाशिंगटन क्यों नहीं आते? चलिए खाना खाते हैं और बात करते हैं।’ उन्होंने गर्मजोशी से निमंत्रण दिया। मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति से सम्मानपूर्वक कहा, ‘आपके निमंत्रण के लिए धन्यवाद, लेकिन मेरे लिए महाप्रभु की पवित्र भूमि पर जाना आवश्यक है।’ और इसलिए, मैंने विनम्रतापूर्वक उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, क्योंकि महाप्रभु के प्रति आपका प्रेम और भक्ति मुझे इस पवित्र भूमि पर खींच लाई।’

देश ने भाजपा के विकास मॉडल को व्यापक स्तर पर देखा’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘आजादी के बाद दशकों तक देश के लोगों ने कांग्रेस के शासन मॉडल को देखा। उस मॉडल में सुशासन और जीवन की सुगमता, दोनों का अभाव था। विकास परियोजनाओं में देरी, उन्हें पटरी से उतारना और उनका कुप्रबंधन, घोटाले, भ्रष्टाचार, ये कांग्रेस के विकास मॉडल की पहचान थी। लेकिन हाल के वर्षों में देश ने भाजपा के विकास मॉडल को व्यापक स्तर पर देखा है। पिछले एक दशक में कई राज्यों ने पहली बार भाजपा की सरकारें देखी हैं। और इन राज्यों में सिर्फ सरकार ही नहीं बदली, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का एक नया युग शुरू हुआ’। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘यह सुखद संयोग है कि जब ओडिशा की भाजपा सरकार अपने एक साल पूरे कर रही है तब आप सभी भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं। महाप्रभु हमारे लिए आराध्य भी हैं, प्रेरणा भी हैं और महाप्रभु के आशीर्वाद से श्री मंदिर से जुड़े विषयों का समाधान भी हो गया है… यहां सरकार बनते ही श्री मंदिर के चारों द्वार खोल दिए थे, श्री मंदिर का रत्नभंडार भी खुल गया है और यह कोई राजनीतिक जय-विजय का विषय नहीं है, यह करोड़ों भक्तों की आस्था का सम्मान करने का कार्य हुआ है।’

आदिवासियों के सपने पूरे करना हमारी प्राथमिकता’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आदिवासी साथियों के सपने पूरे करना, उन्हें नए अवसर देना, उनके जीवन से मुश्किलें कम करना, हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए पहली बार जनजातीय विकास के लिए दो बहुत बड़ी राष्ट्रीय योजनाएं देश में बनी हैं। इन दो योजनाओं पर 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। पहली योजना है ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’। बिरसा मुंडा जी के नाम पर इसे रखा गया है। इसके तहत देश भर में 60,000 से अधिक आदिवासी गांवों में विकास के काम किए जा रहे हैं। यहां ओडिशा में भी कहीं आदिवासियों के लिए घर बन रहे हैं, रोड बन रहे हैं, बिजली पानी की सुविधाएं बन रही हैं। यहां ओडिशा के 11 जिलों में 40 आवासीय विद्यालय भी बन रहे हैं। केंद्र सरकार इस पर भी सैकड़ों करोड़ों खर्च कर रही है। जो दूसरी योजना है, उसका नाम है ‘पीएम जन-मन योजना’ है। इस योजना की प्रेरणा ओडिशा की धरती से आई है। देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति, ओडिशा की बेटी आदरणीय द्रौपदी मुर्मू ने इस योजना के लिए हमें मार्गदर्शन दिया है’।

By Mohd Nafees

संपादक – सच्चाई की जीत पता – Nafees Screen Printers, Near Bilal Masjid, Ward no. 10, Ali Khan, Kashipur 244713 संपर्क – 9837427792 व्हाट्सप्प – 9837427792 ईमेल – sachchaikijeet7@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *