12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जाने वाली उड़ान संख्या AI171 उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। अहमदाबाद से दोपहर 13.38 बजे रवाना हुई इस उड़ान (बोइंग 787-8) विमान में 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, एक कनाडाई और सात पुर्तगाली नागरिक सवार थे। हादसे में एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई थी। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए। हादसे में 241 लोग मारे गए थे। उन्होंने पूछा कि क्या किसी दुश्मन देश की ओर से विमान की प्रणाली पर कोई साइबर हमला किया गया था। हाल ही में दुश्मनों ने अपने साइबर हमलों से भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूं, लेकिन अहमदाबाद में उड़ान भरने के 30 सेकंड के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान की घटना के बारे में गंभीर सवाल हैं। क्या किसी दुश्मन देश की ओर से विमान की प्रणाली पर कोई साइबर हमला किया गया था? संजय राउत ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रखरखाव विमानन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बारे में कई सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, ‘जब बोइंग डील हुई थी, तब भाजपा इसके खिलाफ थी और उस समय प्रफुल्ल पटेल नागरिक उड्डयन मंत्री थे। लोग अब हवाई यात्रा करने से डरते हैं। विमानन क्षेत्र के लिए रखरखाव सबसे महत्वपूर्ण है। अहमदाबाद के रखरखाव का ठेका किसके पास है? इसके लिए अहमदाबाद को ही क्यों चुना गया? अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली फ्लाइट के साथ दुर्घटना क्यों हुई? विमान के मलबे पर जिस तरह से मंत्री व्यवहार कर रहे थे, वह वाकई दुखद है।’ 

उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति का गठन
इस बीच सरकार ने 12 जून को अहमदाबाद से गैटविक हवाई अड्डे (लंदन) जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति का गठन किया। हादसे में 241 लोग मारे गए थे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया, ’12 जून, 2025 को अहमदाबाद से गैटविक एयरपोर्ट (लंदन) जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति गठित की गई है। समिति मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और ऐसी घटनाओं को रोकने और संभालने के लिए जारी दिशा-निर्देशों की जांच करेगी। समिति भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश सुझाएगी।’ 

सभी रिकॉर्ड तक पहुंच होगी
आदेश में स्पष्ट किया गया कि समिति संबंधित संगठनों की ओर से की जा रही अन्य जांचों का विकल्प नहीं होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और संभालने के लिए एसओपी तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें कहा गया कि समिति के पास फ्लाइट डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, विमान रखरखाव रिकॉर्ड, एटीसी लॉग और गवाहों की गवाही सहित सभी रिकॉर्ड तक पहुंच होगी।

तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी समिति
समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसमें कहा गया कि समिति की अध्यक्षता गृह सचिव करेंगे और इसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय वायु सेना और विमानन विशेषज्ञों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति बचाव कार्यों और उनके बीच समन्वय सहित विभिन्न हितधारकों की आपातकालीन प्रतिक्रिया का आकलन करेगी। यह ऐसी घटनाओं को रोकने और दुर्घटना के बाद की स्थितियों को संभालने के लिए आवश्यक नीतिगत परिवर्तन, परिचालन सुधार और प्रशिक्षण संवर्द्धन का भी सुझाव देगी। 

समिति के गठन का मकसद क्या?
आदेश में कहा गया कि इसका गठन दुर्घटना के मूल कारण का पता लगाने के लिए किया गया है। इसमें यह भी कहा गया कि समिति भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगी। समिति एसओपी तैयार करेगी। इन एसओपी में ऐसी घटनाओं को रोकने और संभालने के संबंध में अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम अभ्यास भी शामिल होंगे।

By Mohd Nafees

संपादक – सच्चाई की जीत पता – Nafees Screen Printers, Near Bilal Masjid, Ward no. 10, Ali Khan, Kashipur 244713 संपर्क – 9837427792 व्हाट्सप्प – 9837427792 ईमेल – sachchaikijeet7@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *