साबिर पाक के 755वें सालाना उर्स और 12 रबीउलअव्वल को ईदमिलादुन्नबी के मौके पर जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक में चादर पेश कर मन्नतें मांगीं। ईदमिलाद उन्नबी के मौके पर उत्तराखंड में राजधानी देहरादून समेत हल्द्वानी और रुड़की में भी जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। वहीं, पिरान कलियर स्थित मदरसा दारुल उलूम कादरिया बरकते रजा की ओर से ईदमिलाद उन्नबी के मौके पर जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में मदरसे के छात्र और जायरीनों ने शिरकत की। जुलूस मदरसे से शुरू होकर दरगाह साबिर पाक, अब्दाल साहब, इमाम साहब होते हुए वापस मदरसे पर आकर सम्पन्न हुआ। मदरसा प्रबंधक मौलाना गुलाम नबी नूरी ने देश में अमन चैन और भाईचारे के लिए दुआ की।

जायरीनों ने साबिर साहब की दरगाह में चढ़ाई चादर
साबिर पाक के 755वें सालाना उर्स और 12 रबीउलअव्वल को ईदमिलादुन्नबी के मौके पर जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक में चादर पेश कर मन्नतें मांगीं। दरगाह इमाम साहब, किलकिली साहब समेत अन्य दरगाहों पर भी जायरीनों ने जियारत की। साबिर पाक के सालाना उर्स में बड़ी रोशनी मनाई गई। महफ़िल खाने में खत्म शरीफ हुआ, इसके संपन्न होने के बाद दुआए मांगी गई। साथ ही महफिल-ए-शमा का आयोजन किया गया। सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुशी साहिबजादा शाह यावर एजाज साबरी, शाह खालिक समेत दूरदराज से आए खादिमो सूफियों और पाक जायरीनों ने बड़ी रोशनी की रस्म में शिरकत की। खत्म शरीफ में मुल्क में अमनोअमान के लिए दुआ कराई। इस दौरान सज्जादा प्रतिनिधि शाह सुहैल, शाह मखदूम कुद्दुसी, हाफिज मैराज साबरी, यासिर एजाज, नय्यर अजीम फरीदी, मोजजन अब्दुस्लाम, असद साबरी, शाह गाजी आदि अकीदतमंद जायरीन मौजूद रहे। बड़ी रोशनी के दौरान पूरी दरगाह को रोशन किया गया। बड़ी रोशनी के दिन जियारत करने के लिए दरगाह साबिर पाक में सुबह से ही जायरीनों की लाइन लग गई थी। दरगाह परिसर में किसी भी जायरीन को रुकने नहीं दिया जा रहा है। एक गेट से दूसरे गेट से जायरीनों को बाहर निकाला गया।

कव्वालों की महफिल में जमकर झूमे
साबिर पाक के सालाना उर्स में कहीं कव्वालों की महफिल तो कहीं झूमते-गाते चादर चढ़ाने पहुंचे जायरीन। दरगाह साबिर पाक हो या दरगाह इमाम साहब, दरगाह किलकिली साहब। इनकी ओर जाने वाली हर सड़क पर जायरीनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इसमें घंटों बाद बारी आने पर जायरीन दरगाह तक पहुंच सके। वहां चल रही कव्वालों की महफिल को सुनकर हर कोई जायरीन साबिर के गीतों पर झूमता नजर आया।

नबी की सुन्नतों का एहतमाम करें
ईद मिलादउंन्नबी के दिन मोमीन नबियों के नबी पैगंबर हजरत मोहम्मदमद मुस्तुफा सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की विलादत की ख़ुशी मनाते हैं। उलेमाओं ने बताया कि ईदमिलादउन्नबी के दिन मुसलमानों को नबी की सुन्नतों का एहतमाम करना चाहिए।

सभी मस्जिदों में मनाया ईद मिलादुन्नीबी
साबिर पाक के 755वें सालाना उर्स में हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम के पैदाइस के अवसर पर दरगाह साबिर की जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। ईद मिलादुन्नबी की शुरुआत जामा मस्जिद के इमाम हाफिज सऊद साबरी ने तिलावते कलाम पाक से की गई। इस मौके पर उलेमाओं ने हजरत मोहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की शान में नातिया कलाम एवं मनकबत भी पेश किए।

By Mohd Nafees

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