राष्ट्रीय राजधानी में बीते कुछ दिनों के दौरान कोविड-19 के मामलों में तीव्र वृद्धि के बावजूद दिल्ली सरकार ने एक बार फिर लॉकडाउन लागू करने की संभावना से इनकार किया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता क्योंकि लाखों लोगों की आजीविका इस पर निर्भर है।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के लोगों को इससे घबराना नहीं है बल्कि बेहद ऐहतियात बरतना चाहिए। इस स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा सतर्कता और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। दो लाख संक्रमितों के आंकड़े तक पहुंच चुकी दिल्ली में इस महीने के शुरुआती आठ दिनों में ही 22,378 मामले सामने आए, जिनमें से 3609 नए मामले तो मंगलवार को ही सामने आए जो 76 दिनों बाद एक दिन में सामने आए सबसे ज्यादा नए मामले थे।

दिल्ली में इस महामारी से अब तक 4618 मरीजों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अगस्त में संक्रमण के मामलों में कमी के बाद सितंबर में अचानक से मामलों के बढ़ने के चलते बेचैनी के बनते माहौल पर जैन ने कह कि यह सदी में एक बार आने वाली महामारी है, जो 1918 के स्पैनिश फ्लू के बाद आई है। लोगों को कोविड-19 के साथ जीना सीखना होगा, क्योंकि यह इतनी जल्दी जाने वाली नहीं है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आप सब कुछ (अर्थव्यवस्था) पूरी तरह बंद नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इस पर लाखों लोगों की आजीविका टिकी है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब सोमवार से दिल्ली मेट्रो ने भी चरणबद्ध तरीके से अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। कई लोगों को मानना है कि मेट्रो सेवाओं के संचालन की वजह से कोरोना वायरस संक्रमण के मामले और बढ़ेंगे। मेट्रो सेवा शुरू करने के सवाल पर जैन ने कहा कि लोगों को ज्यादा सजग रहना होगा और सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी होगी। अगर आप मास्क नहीं पहनेंगे, तो सिर्फ मेट्रो ही नहीं, आप कहीं भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

‘घबराने की जरूरत नहीं’ पर जोर देते हुए जैन ने कहा कि जैसा कि मैंने कहा, हमें कोविड के साथ रहना सीखना होगा। पहले यह माना जा रहा था कि वायरस गर्मियों में खत्म हो जाएगा या मानसून में यह कम सक्रिय होगा। यह अब भी मौजूद है। ऐसा लगता है कि यह अभी काफी वक्त तक रहने वाला है। दिल्ली मेट्रो जहां 22 मार्च से बंद थी, वहीं केंद्र की तरफ से 25 मार्च से देश में राष्ट्रव्यापी बंद लागू किया गया था, जिसमें लोग घरों में रहने को मजबूर थे और वाणिज्यिक गतिविधियां ठप हो गई थीं। अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने की गतिविधि चरणबद्ध रूप से जून से शुरू हुई।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि अगर लॉकडाउन समाधान होता तो कोई नया मामला सामने नहीं आता। देश में नए मामलों की संख्या रोजाना 90 हजार तक पहुंच रही है और अनलॉक की प्रक्रिया अब भी चालू है। लॉकडाउन अभी खत्म नहीं हुआ है।यह पूछे जाने पर कि अगर विशेषज्ञ फिर से लॉकडाउन लागू करने का सुझाव देते हैं तो, जैन ने कहा कि हम सिर्फ विशेषज्ञों की सुनते हैं और किसी विशेषज्ञ ने अब तक यह सुझाव नहीं दिया है।

By Mohd Nafees

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