Saraswati Puja 2023 Puja Vidhi Muhurat Timing News in Hindi: आज वसंत पंचमी का त्योहार है। वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती की पूजा करने का महत्व होता है। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, विद्यारंभ और नया कार्य करना काफी शुभ होता है। वसंत पंचमी एक अबूझ मुहूर्त है, जिसमें किसी भी तरह के शुभ कार्य करने के लिए मुहूर्त का विचार नहीं किया जाता है।

  • वसंत पंचमी के दिन भूलकर भी काले, लाल या अन्य रंग बिरंगे वस्त्र नहीं धारण करने चाहिए। दरअसल मान्यता है माता सरस्वती का जब अवतरण हुआ था तब ब्रह्मांड की आभा लाल,पीली और नीली थी लेकिन सबसे पहले पीली आभा के दर्शन हुए थे और माता सरस्वती को पीला रंग प्रिय है। इसलिए इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।  
  • वसंत पंचमी के दिन मांस-मंदिरा से दूरी बनाकर रखें। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें। 
  • वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की आराधना की जाती है इसलिए इस दिन मन में कोई भी गलत विचार न लाएं और न ही किसी व्यक्ति को अपशब्द कहें। वसंत पंचमी को सभी शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त माना गया है। मुख्यतयाः विद्यारंभ ,नवीन विद्या प्राप्ति एवं गृह-प्रवेश के लिए वसंत पंचमी को पुराणों में भी अत्यंत श्रेयकर माना गया है । महाकवि कालिदास ने ऋतुसंहार नामक काव्य में इसे ”सर्वप्रिये चारुतर वसंते” कहकर अलंकृत किया है । गीता में भगवान श्री कृष्ण ने ”ऋतूनां कुसुमाकराः” अर्थात मैं ऋतुओं में वसंत हूँ कहकर वसंत को अपना स्वरुप बताया है।वृज क्षेत्र में वसंत पंचमी के दिन से होली का शुभारंभ हो जाता है।चौराहों पर होलिका दहन के लिए लकड़ी एकत्र करने के बाद गुलाल उड़ाया जाता है। जो फाल्गुन मास की पूर्णिमा तक उमंग के साथ लगातार चलता रहता है।वसंत पंचमी पर विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा सभी शिक्षण संस्थानों और छात्रों के द्वारा किया जाता है। इस दिन विशेष रूप से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों में देवी सरस्वती को विद्या, ज्ञान, कला और संगीत की देवी माना जाता है। इस दिन छात्र पीले रंग का वस्त्र पहनकर और माथे पर पीला टीका लगाकर पुस्तक और कलम की पूजा करते हैं। इसके अलावा इस दिन कला के क्षेत्र से जुड़े हुए लोग भी अपने वाद्य यंत्रों की पूजा करते हैं।
  • वसंत पंचमी के दिन बिना स्नान किए किसी भी चीज का सेवन न करें। इस दिन स्नान करके मां सरस्वती की पूजा करें इसके बाद ही कुछ ग्रहण करें। 
  • वसंत पंचमी के दिन पेड़-पौधों की कटाई-छटाई भी न करें, क्योंकि इस दिन से बसंत ऋतु का भी आगमन होता है। इसलिए उसका सम्मान करने के लिए वृक्षों को काटने से बचना चाहिए।

By Mohd Nafees

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