कोरोना टीकाकरण पर फैल रही भ्रांतियों को डॉ रवि सहोता ने किया दूर

विशेष वार्ता में टीकाकरण को बताया बेहद कारगर और सुरक्षित

काशीपुर।उत्तराखंड
मुमताज़ मन्सूरी

बहुप्रतीक्षित कोरोना टीकाकरण मकर संक्रांति से शुरू होने की उम्मीद है। 18 साल से कम उम्र के लोगों को अभी टीका नहीं लगेगा। ऐसे में लोगों के मन में टीका और टीकाकरण को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। जिस को लेकर एक वार्ता में डॉ रवि सहोता ने देश और प्रदेश में फैल रही सभी भ्रांतियों को दूर किया।
मुरादाबाद रोड स्थित सहोता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं न्यूरो ट्रामा सेंटर के प्रबंधक, नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रवि सहोता पिछले 10 वर्षों से विभिन्न टीकाकरण से जुड़े है। नवजात से किशोर अवस्था तक लगने वाले गम्भीर और अतिगंभीर बीमारियों का टीकाकरण उनके द्वारा किया जाता है। उनके पास टीकाकरण का अनुभव बहुत अधिक है। जिसके चलते हमारे संवाददाता ने कोरोना टीकाकरण पर उनसे विस्तार से वार्ता की गई।

प्रश्न: कोरोना टीकाकरण क्या है ?

जवाब : किसी बीमारी के विरुद्ध प्रतिरोधात्मक क्षमता  विकसित करने के लिये जो टीका लगाया जाता है उसे टीकाकरण कहते है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिये टीकाकरण सर्वाधिक प्रभावी विधि मानी जाती है।

प्रश्न : क्या संक्रमित को टीका लग सकता है?

उत्तर : संक्रमित या बिना लक्षण वाले रोगी को टीका लगाने से टीकाकरण स्थल पर संक्रमण का खतरा है। ऐसे में लक्षण खत्म होने के 14 दिन बाद ही टीका लगवाना चाहिए।

प्रश्न : टीका लगने के क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं?

उत्तर : टीका लगने के बाद कुछ लक्षण आ सकते हैं। इसमें हल्का बुखार, जहां इंजेक्शन लगा है वहां दर्द, शरीर में दर्द जैसी तकलीफ हो सकती हैं। डरने या घबराने की जरूरत नहीं है।

प्रश्न : टीका लगवाने के लिए पंजीकरण जरूरी है? 

उत्तर : पंजीकरण के बाद ही टीका लग सकेगा। पंजीकरण के जरिए ही आपको टीका कब और कहां टीका लगवाना है इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाएगी। इसके अलावा टीका लगने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम आप के संपर्क में रहेगी।

प्रश्न : टीके के बाद सतर्कता बरतनी चाहिए ?

उत्तर : टीका लगने के बाद आपको कम से कम 30 मिनट तक वहीं पर आराम करना होगा। कोई भी तकलीफ होती है तो वहां पर मौजूद डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी को इसकी जानकारी दें। किसी तरह की परेशानी को नजरअंदाज ना करें। घबराए बिल्कुल भी नहीं।

प्रश्न : दो वैक्सीन का चुनाव कैसे किया जाए ?

उत्तर : भारत की दवा नियंत्रक संस्था ने वैक्सीन को मंजूरी से पहले परीक्षण के आंकड़ों और प्रभावों का अच्छे से अवलोकन किया है। पूरी तरह सुरक्षित और असरदार टीके को अनुमति दी गई है। एक व्यक्ति को एक तरह की ही वैक्सीन की दोनों डोज लगेगी, अलग-अलग वैक्सीन से डोज पूरी नहीं होगी।

प्रश्न : कोरोना टीकाकरण कितना प्रभावी रहेगा ?

उत्तर : आमतौर पर टीकाकरण 60 से 90 प्रतिशत कारगर होते है। कोरोना टीकाकरण के बाद इसका प्रभाव 70 प्रतिशत होगा जो कि अन्य टीकाकरण से कुछ कम है फिर भी कारगर और सुरक्षित साबित होगा।

प्रश्न : क्या कोरोना टीकाकरण सभी को जरूरी है ?

उत्तर : कोविड-19 का टीका लगवाना स्वैच्छिक है। हालांकि इसमें यह सलाह दी गई है कि किसी व्यक्ति को बीमारी से सुरक्षा पाने के लिए वैक्सीन जरूर लगवाना चाहिए। इसके साथ ही वैक्सीन लगवाने से कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। किसी व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि वह अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए कोरोनावायरस का टीका लगवाएँ।

By Mohd Nafees

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