हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर रविवार सुबह भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। वहीं, हादसे में 22 घायल हैं और पांच लोग गंभीर घायल हैं, 23 लोग सामान्य हैं। हरिद्वार मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर हादसे के बाद यहां बनी अवैध अस्थायी दुकानों को बंदकर सामान भी छिपा दिया गया। यहां लगा बिजली का तार भी राज बन गया है। जब टीम मौके पर पहुंची तो तार भी गायब हो गया था। मंदिर मार्ग पर नीचे से लेकर ऊपर तक दोनों तरफ फूल, प्रसाद, खिलौने और खाद्य सामग्री की सैकड़ों दुकानें सजी थीं। यह दुकानें न सिर्फ भीड़ को रोक रही थीं, बल्कि आपात स्थिति में निकलने का कोई सुरक्षित मार्ग भी नहीं छोड़ा गया था। जैसे ही भगदड़ मची, श्रद्धालु इन दुकानों के बीच फंस गए। हादसे के तुरंत बाद मंदिर परिसर और सीढ़ी मार्ग पर लगी कई दुकानें बंद कर दी गईं। कई दुकानदार तो हादसे के बाद अपना सामान लेकर भाग खड़े हुए, जबकि कुछ ने पहाड़ी के पीछे जाकर माल को प्लास्टिक के बोरों में भरकर ढक दिया। जानकारी के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है, जहां किसी भी तरह की वाणिज्यिक गतिविधि प्रतिबंधित है। इसके बावजूद वर्षों से यहां दुकानें लग रही हैं। सूत्रों की मानें तो इन दुकानों से हर महीने मोटी रकम अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचती है, जिसके चलते सबकुछ ‘नजरअंदाज’ किया जाता रहा।

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