यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में बीते रविवार तड़के हुए हादसे में तकरीबन 40 मजदूर फंसे हैं। मजदूरों को बचाने रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है,  तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि आज बुधवार को मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।

हरक्यूलिस विमान से पहुंची मशीन

सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए हरक्यूलिस विमान से मशीन पहुंच गई है। रविवार को सुरंग में हुए भूस्खलन के मलबे में एक शॉटक्रिट मशीन व एक बूमर मशीन दबने की सूचना मिली थी। एक मशीन ऑपरेटर ने बताया कि यहां उस दौरान ट्रीटमेंट का काम चल रहा था। जब हल्का मलबा गिरा तो इन मशीनों में कार्यरत कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई।

पुलिस और मजदूरों के बीच धक्कमुक्की

घटनास्थल पर पिछले एक घंटे से मजदूरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सुरंग में फंसे मजदूरों के परिजनों ने आक्रोश जताते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में ढिलाई का आरोप लगाया। इस दौरान सुरंग के बाहर मजदूरों की पुलिस से तीखी झड़प और धक्का मुक्की हो गई। 

दिल्ली से एयर लिफ्ट की गई मशीन

दिल्ली से मशीनें की एयर लिफ्ट की गई, जो चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर उतारी गई। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर साइट तक मशीनें पहुंचाई जाएंगी।

एक घंटे से मजदूरों को विरोध प्रदर्शन जारी

पिछले एक घंटे मजदूरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। कंपनी से जुड़े कई अधिकारी मजदूरों को समझाने के लिए पहुंचे, लेकिन वार्ता विफल रही।

सुरंग के बाहर आक्रोशित मजदूरों का प्रदर्शन

बैकअप में दूसरी मशीन नहीं रखने और रेस्क्यू काम में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए सुरंग के बाहर आक्रोशित मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि बैकअप में दूसरी मशीन तैयार रखनी चाहिए थी। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय बराबर ले रहा अपडेट

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. सिन्हा ने बताया, केंद्रीय गृह मंत्रालय भी लगातार संपर्क में है। जो भी प्रगति और कार्रवाई है, उससे केंद्र को भी अवगत कराया जा रहा है। गृह मंत्रालय के अधिकारी बराबर पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।

जिसने जहां सुनी हादसे की खबर, तुरंत दौड़ पड़ा

सुरंग हादसे की खबर दीपावली की सुबह संचार माध्यमों से पता चलते ही यहां काम कर रहे लोगों के परिजन चिंतित हो उठे। तुरंत फोन लगाए गए, जब उनको पता चला कि उनके अपने सुरंग के अंदर फंसे हैं तो विचलित हो गए। किसी अनहोनी की आशंका में भगवान का सुमिरन करते हुए उत्तरकाशी की ओर चल दिए। वह चाहे हिमाचल के मंडी निवासी योगेश हो या मिर्जापुर के अखिलेश के परिजन सभी यहां पहुंचकर घटनास्थल पर दिन-रात डटे हुए हैं। 

राहत एवं बचाव कार्य जारी

गत रविवार सुबह साढ़े पांच बजे यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी टनल में भारी भूस्खलन हुआ था। जिससे सुरंग निर्माण में लगे 40 मजदूर फंसे हुए हैं। उन्हें बाहर निकालने के लिए विभिन्न एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। दिल्ली से मंगवाई जा रही एडवांस मशीन
खराब हुई ऑगर मशीन के स्थान पर अब ड्रिलिंग के लिए ज्यादा एडवांस मंशीन दिल्ली से मंगवाई जा रही है। जो वायु सेना की मदद से पहुंचाई जाएगी। राहत एवं बचाब कार्य की कमान संभाल रहे कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि ड्रिलिंग के लिए अमेरिका में निर्मित नई ऑगर मशीन मंगवाई जा रही है। जो ज्यादा तेजी से काम करेगी। बताया कि अब इस पूरे राहत एवं बचाव कार्य में मिलिट्री ऑपरेशन की टीम भी सक्रिय हो गयी है।

ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देंगे
डॉ. सिन्हा ने कहा, जिला प्रशासन की ओर सुरंग में फंसे हुए एक-एक व्यक्ति के घर वालों से फोन पर बात कर वस्तुस्थिति की जानकारी दी गई है। इसके अलावा उन्हें आश्वस्त किया गया कि सकुशल निकाल लिया जाएगा। कहा, इसमें किसी को शंका नहीं होनी चाहिए कि हम इस ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम देंगे।

जिसने जहां सुनी हादसे की खबर, तुरंत दौड़ पड़ा
सुरंग हादसे की खबर दीपावली की सुबह संचार माध्यमों से पता चलते ही यहां काम कर रहे लोगों के परिजन चिंतित हो उठे। तुरंत फोन लगाए गए, जब उनको पता चला कि उनके अपने सुरंग के अंदर फंसे हैं तो विचलित हो गए। किसी अनहोनी की आशंका में भगवान का सुमिरन करते हुए उत्तरकाशी की ओर चल दिए। वह चाहे हिमाचल के मंडी निवासी योगेश हो या मिर्जापुर के अखिलेश के परिजन सभी यहां पहुंचकर घटनास्थल पर दिन-रात डटे हुए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय बराबर ले रहा अपडेट
सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. सिन्हा ने बताया, केंद्रीय गृह मंत्रालय भी लगातार संपर्क में है। जो भी प्रगति और कार्रवाई है, उससे केंद्र को भी अवगत कराया जा रहा है। गृह मंत्रालय के अधिकारी बराबर पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।

मजदूरों की तबीयत बिगड़ी, दवाएं भेजीं गईं

सुरंग में फंसे मजदूरों की हालत अब बिगड़ने लगी है। उधर से कुछ लोगों में बुखार, बदन दर्द व घबराहट की बात बताए जाने पर अधिकारियों ने तुरंत दवाएं पाइप के जरिए भेजीं और एक पर्चे में उन्हें लेने की विधि पर लिखकर भेजी। इसके साथ उन्हें चना, बादाम इत्यादि भी पाइप से भेजा जा रहा है। हालांकि बाहर खड़े उनके साथियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। वह हंगामा करने की बात करने लगे हैं।

लगातार मलबा गिरने से नहीं मिली सफलता
गत रविवार सुबह साढ़े पांच बजे यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सुरंग में भारी भूस्खलन होने से निर्माण में लगे 40 मजदूर फंसे हुए हैं। उन्हें बाहर निकालने के लिए विभिन्न एजेंसियां जुटी हुई हैं। सुरंग में पहले जेसीबी से मलबा हटाने का काम किया गया, लेकिन लगातार मलबा गिरने से सफलता नहीं मिली। तब ऑगर मशीन मंगवाने और आयरन पाइप डालकर रास्ता तैयार करने का निर्णय लिया गया। बचाव कार्य में लगे मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि बचाव अभियान जोरों पर चल रहा है। जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।

By Mohd Nafees

संपादक – सच्चाई की जीत पता – Nafees Screen Printers, Near Bilal Masjid, Ward no. 10, Ali Khan, Kashipur 244713 संपर्क – 9837427792 व्हाट्सप्प – 9837427792 ईमेल – sachchaikijeet7@gmail.com